कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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झूठे चुनाव शपथपत्र मामले में हिमाचल प्रदेश के नादौन से कांग्रेस विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ जांच के आदेश जारी हुए हैं। अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी नादौन कनिका चावला ने सीआरपीसी 156 (3) के तहत पुलिस थाना नादौन के एसएचओ को छानबीन करने और जांच रिपोर्ट रिकॉर्ड समेत न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। उपमंडल नादौन के गांव जड़ौत डाकघर सेरा निवासी बसंत सिंह पुत्र गंगा राम ने विधायक के खिलाफ अपने वरिष्ठ अधिवक्ता विरेंद्र शर्मा के माध्यम से झूठा चुनाव शपथपत्र पेश करने के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 177, 181, 182 एवं रिप्रजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट के अंतर्गत न्यायालय में याचिका दायर की थी।
मामले में बीते वर्ष हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर ने इस मामले की छानबीन की और रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर को सौंपी थी। अब नादौन कोर्ट ने एसएचओ को इस मामले की छानबीन कर आगामी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता विरेंद्र शर्मा के मुताबिक न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया में यह संज्ञेय अपराध का मामला बनता है, इसलिए मामले की कानून के मुताबिक जांच कर रिकॉर्ड न्यायालय में पेश किया जाए।
विधानसभा चुनाव के नामांकन में चुनावी शपथपत्र में संपत्ति की सूचना छिपाने का मामला
शिकायतकर्ता बसंत सिंह ने आरोप लगाए थे कि विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा चुनाव के नामांकन के समय झूठा शपथपत्र दिया। इस शपथपत्र में प्रत्याशी ने अपनी भूमि से संबंधित संपत्ति की जानकारी छिपाई है। बसंत सिंह ने उनके शपथपत्र को रद्द करने की मांग करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
हाईकोर्ट खारिज कर चुका है मामला: सुक्खू
विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व में भी कई बार उनके खिलाफ जांच हो चुकी है, लेकिन आरोप साबित नहीं हो पाए थे। जांच में आरोप साबित न होने पर हाईकोर्ट ने भी मामले को खारिज कर दिया था। मुझे बदनाम करने पर कुछ लोगों के खिलाफ मैंने न्यायालय में मानहानि का केस कर रखा है, जिससे हताश होकर वे लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं।