जिन देशों ने अनुमति दी है वहां भी वेब पोर्टल द्वारा अनाधिकृत दवा बिक्री को रोकने के लिए के कानून में पूर्व परिवर्तन किया गया है। इसमें कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि देश में ऑनलाइन पोर्टलों द्वारा दवा कानून के नियमों का धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा है।
इसके सुबूत होने के बावजूद भी इन पर कोई कार्र्रवाई नहीं की जा रही। अध्यक्ष संजीव पंडित ने बताया कि ऑनलाइन दवा पोर्टल बिना किसी जवाबदेही के दवा के पर्चे की प्रमाणिकता को परखे बगैर दवा उपलब्ध करा रहे हैं। एमटीपी किट, सिडनेफिल, ताडलाफिल, कोडीन जैसी आदत डालने वाली दवाओं को पंजीकृत मेडिकल प्रेक्टिशनर के पर्चे के बिना भी बिना भी बेचा जा रहा है।