सरकार का मानना है कि इससे हिमाचल प्रदेश को आगामी पांच वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह अनुदान विशेष श्रेणी राज्य के रूप में हिमाचल के लिए वित्तीय आधार माना जाता रहा है। इसके बंद होने से विकास योजनाओं समेत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों व वित्तीय संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उधर, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 13 फरवरी को होने वाली सर्वदलीय बैठक को लेकर उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। हालांकि, सीएम सुक्खू ने कहा कि रविवार को भी भाजपा विधायक दल को भी बैठक के लिए बुलाया गया था, इसमें जयराम ठाकुर को बुलावा दिया गया था। उन्हें चिट्ठी भेजी गई थी, लेकिन उन्होंने पहले कहा कि उन्हें नहीं मिली। अगले दिन उन्होंने कहा कि वित्त सचिव के माध्यम से उन्हें चिट्ठी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने फिर कहा कि चिट्ठी की क्या जरूरत थी, उन्हें तो ऐसे ही बुला लेते। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार किसी की भी हो, हिमाचल का हित सर्वोपरि होना चाहिए। जयराम को उन पर दोषारोपण करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर हिमाचल के जो अधिकार छीने गए हैं, उनकी मांग करनी चाहिए।
सीमित अनुदान के बाद भी पेंशनरों को एरियर दिया
शिमला लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से सीमित अनुदान मिलने के बावजूद 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के पेंशन एरियर का भुगतान कर दिया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के बकाया भी जारी किए गए हैं। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में भी कटौती की गई है। आईएफएस पदों की संख्या 110 से घटाकर 86 कर दी गई है। अधिकारी स्तर के पद कम किए गए हैं, जबकि निचले स्तर के पद बढ़ाए हैं। खर्च कम करने के लिए कुछ स्कूलों और कॉलेजों का विलय हुआ है। राज्य व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ चुका है।
मंत्रिमंडल की बैठक में आरडीजी पर फिर से मंत्रणा होगी
राज्य मंत्रिमंडल की गुरुवार को फिर बैठक होगी। इसमें आरडीजी पर फिर से मंत्रणा होगी। कैबिनेट बैठक में भी वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विस्तृत प्रस्तुति देंगे। इसके बाद कुछ फैसले भी लिए जाएंगे। बैठक में गैर-जरूरी खचों में कटौती, वैकल्पिक संसाधन जुटाने, राजस्व बढ़ाने के उपायों और आगामी बजट की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। हालांकि, सरकार कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता जता चुकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पुरानी पेंशन योजना को जारी रखने का भी आश्वासन दिया है। इसमें बजट सत्र के शुरू में होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण के ड्राफ्ट को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।
फिजलूखर्ची बंद हो : विक्रमादित्य
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की पंचायत बठमाना के जाबरी में महिला मंडल भवन का लोकार्पण किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची नहीं होनी चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है लेकिन हिमाचल इस संकट से उभरेगा और फिर से मजबूत राज्य बनेगा। पूर्व की सरकारों के समय भी इस तरह का संकट आया था लेकिन प्रदेश निरंतर आगे बढ़ता रहा है और आगे बढ़ता रहेगा।