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Himachal News: आरडीजी पर बुलाई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा, सियासत हावी, बीच बैठक से चले गए भाजपा नेता

Fri, 13 Feb 2026 01:57 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से सियासत हावी रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई।
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पीटरहॉफ में सर्वदलीय बैठक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद इसकी बहाली पर राज्य सरकार की ओर से चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से सियासत हावी रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। इस तनातनी के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता बीच में बैठक छोड़कर चले गए। हालांकि, इस बैठक के दौरान माकपा, आम आदमी पार्टी और बसपा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को समर्थन दिया। आरडीजी पर अब बजट सत्र में चर्चा होगी। शुक्रवार को पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें कांग्रेस, भाजपा, माकपा, बसपा और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सर्वदलीय बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को बोलने को कहा तो उन्होंने बाद में बात रखने को कहा। इसके बाद अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। माकपा, आप और बसपा के प्रतिनिधि केंद्र सरकार की ओर से आरडीजी बंद करने के बाद इसकी बहाली के लिए सरकार के पक्ष में खड़े रहे। हालांकि, भाजपा नेताओं के बीच में उठकर चले जाने के बाद सभी दलों की केंद्र में जाकर इस मामले को एकजुट होकर उठाने की सहमति नहीं बन पाई। बैठक में नोकझोंक उस समय बढ़ी जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर बोलने लगे। उन्होंने आरडीजी को सांविधानिक अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला। उनके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आंकड़े रखे कि केंद्र ने कब-कब कितना बजट दिया। इस पर राठौर ने हस्तक्षेप करते हुए बिंदल से ठीक से अपनी बात कहने को कहा तो बिंदल भड़ककर बाहर चले गए। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इस मुद्दे पर सरकार के रवैये का विरोध करते हुए बाहर चले गए। अन्य भाजपा नेता भी बैठक से उठकर चले गए।

भाजपा प्रदेश के अधिकारों के लिए खड़ी होने को तैयार नहीं : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि न केवल कांग्रेस बल्कि माकपा, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी राजस्व घाटा अनुदान को फिर से बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के अधिकारों के लिए खड़ी होने को तैयार नहीं है। भाजपा नेता जनता के दबाव में बैठक में शामिल हुए और फिर बीच में ही छोड़कर चले गए। सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर 54,000 करोड़ रुपये और जीएसटी मुआवजे के तौर पर 16,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मौजूदा राज्य सरकार को अब तक राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर सिर्फ 17,000 करोड़ रुपये मिले हैं।
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यह सरकार सिर्फ ओछी राजनीति कर रही : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों और सुक्खू सरकार के रवैये के चलते भाजपा ने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ ओछी राजनीति कर रही है। सर्वदलीय बैठक में प्रेजेंटेशन के दौरान गुमराह करने वाले झूठे आंकड़े दिए जा रहे हैं, जो सिर्फ राजनीति से प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री आए दिन बैठक पर बैठक बुला रहे हैं, लेकिन वह खुद कंफ्यूज हैं कि उन्हें करना क्या है। 12वें वित्त आयोग के समय से ही राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की पैरवी आयोग की ओर से की जाती रही है।
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