ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन की हिमाचल प्रदेश इकाई का पहला अधिवेशन रविवार को बिलासपुर के किसान भवन में हुआ। इसका शुभारंभ फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव राम आसरे यादव ने किया। जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्षमैया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा, खारसी सहकारी सभा के पूर्व प्रधान बुद्धि सिंह ठाकुर, मैहतपुर ट्रक यूनियन के प्रधान कर्म
चंद व टैंपो यूनियन अंब के प्रधान नूर इलाही की संयुक्त अध्यक्षता में हुए इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि फेडरेशन की ओर से दो सितंबर को प्रदेश भर में चक्का जाम किया जाएगा। यादव ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सड़क सुरक्षा अधिनियम 2015 देश में करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी को छीनकर सड़क ट्रांसपोर्ट सेक्टर को तबाह करने सहित देश के परिवहन क्षेत्र को बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियों के हवाले कर देगा।
ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फैडरेशन ने लिया निर्णय
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के माध्यम से सरकार सड़क ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़े गाड़ी मालिकों, चालकों व मेकेनिकों आदि का काम करने वाले करोड़ों लोगों से काम छीनने सहित बड़ी कंपनियों को लूट की खुली छूट देने का प्रयास कर रही है। परिवहन का
धंधा पहले ही घाटे का सौदा रह गया है और आज जरूरत इसे बचाने की है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्षमैया ने उपस्थित सदस्यों से प्रस्तावित बिल के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया।
लेखराम वर्मा को सौंपी प्रदेश इकाई की कमान
अधिवेशन में फेडरेशन की प्रदेश कार्यकारिणी भी गठित की गई, जिसमें लेखराम वर्मा को प्रधान नियुक्त किया गया। जबकि बुद्धि सिंह, धर्मपाल पिंनी व सरचंद को उपप्रधान, विजय शर्मा को सचिव, कैप्टन सुरेंद्र को कोषाध्यक्ष, नूर इलाही, जीत चौधरी व राजेंद्र ठाकुर को
सह-सचिव, दौलत सिंह ठाकुर को कानूनी सलाहकार व बलवीर सिंह को संरक्षक चुनाया गया। साथ ही 20 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी भी चुनी गई।