हिंदुओं का अंतिम संस्कार करने में सहयोग करने वाले मुस्लिम को संजौली स्थित श्मशानघाट से हटा दिया गया है। अब बेरोजगार हुए गरीब बुजर्ग अली हुसैन को ये फिक्र है कि उसकी गुजर-बसर कैसे होगी। ‘अमर उजाला’ ने अली हुसैन से बातचीत पर आधारित खबर को 13 जनवरी 2016 के अंक में ‘श्मशानघाट में अली दो दशक से करा रहे कपाल क्रिया’ शीर्षक से छापा था।
पढ़ें, 20 साल से श्मशान घाट पर हिंदुओं का अंतिम संस्कार करा रहे अली
इस खबर के माध्यम से अली ने सर्वधर्म समभाव का बड़ा संदेश दिया था। लेकिन ये हिन्दूवादियों को पसंद नहीं आया। अली हुसैन की उम्र लगभग 75 साल है। हुसैन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके लिए वह संजौली स्थित श्मशानघाट में सनातन धर्म सभा शिमला में कार्यरत था।