न्यू शिमला में पकड़े एक करोड़ के एलएसडी नशे के मामले में आरोपी नेविल ने पूछताछ में किया खुलासा
आरोपी के बैंक खाते से हुआ 13 लाख का संदिग्ध लेनदेन
कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही पुलिस अमर उजाला ब्यूरो शिमला। न्यू शिमला में पकड़े गए एक करोड़ रुपये के एलएसडी नशे के मामले में पुलिस की जांच में एक और खुलासा हुआ है। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि नेविल हैरिसल को गोवा की जेल में बंद अल्फिन ने केविन से एलएसडी का नशा दिलाया था।
अब पुलिस इन दोनों की इस मामले में संलिप्तता को लेकर गहनता से जांच कर रही है। नेविल हैरिसल से पूछताछ में पुलिस को इस बारे में कई अहम सुबूत मिले हैं हालांकि उसके बयानों में कितनी सच्चाई है, इसको लेकर जांच आगे बढ़ने के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस को नेविल हैरिसल के बैंक खातों की जांच में 13 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। इसको लेकर भी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस की टीम डिजिटल साक्ष्यों (मोबाइल फोन से प्राप्त वीडियो और चैट), फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर भी मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मामला 10 मार्च का है जब स्पेशल सेल की टीम ने सूचना के आधार पर न्यू शिमला में एक मकान में दबिश दी। इस दौरान पुलिस को कमरे में संदीप और प्रिया शर्मा मिले। पुलिस ने जब तलाशी ली तो एक पर्स से 562 स्ट्रिप्स बरामद हुईं जिसका वजन 11.570 ग्राम पाया गया। पकड़़ी गई एलएसडी की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई। शिमला में पहली बार एलएसडी नशा इतनी बड़ी मात्रा में बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि नशे की खेप नेविल गोवा से पहले कुल्लू लाया था और यहां पर एसटीएफ के तत्कालीन कर्मचारियों ने उसे पकड़ा और छोड़ दिया। इसके बाद एलएसडी नशा लेकर संदीप को दिया।
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पुलिस ने एसटीएफ के तत्कालीन चारों कर्मचारियों को इस मामले में संलिप्तता के आरोपों में गिरफ्तार किया है। बाद में पुलिस विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। पुलिस ने उन वाहनों को भी कब्जे में ले लिया है जिन वाहनों को एसटीएफ के तत्कालीन कर्मचारियों ने नेविल को पकड़ने के लिए किया था। अब पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि यह नशा आखिरकार कहां से आया था और इस संगठित अपराध में कितने लागे संलिप्त है। अभी तक की जांच में संदीप प्रिया, नेविल हैरिसल, राजेश, समीर, नितेश और अशोक की संलिप्तता सामने आई है।
रास्ते में कहां गायब हो गई नशे की सामग्री
पुलिस उस गुत्थी को भी सुलझाने में लगी है जिसमें कुल्लू में 1450 स्ट्रिप और 30 ग्राम एमडीएमए लाने की बात सामने आई थी जबकि शिमला में 562 स्ट्रिप बरामद हुईं। ऐसे में बाकी नशे की सामग्री कहां गई वह अभी तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार यह लाखों का नशा किसे बेचा गया या फिर कहां ठिकाने लगाया गया है। एलएसडी एक पार्टी ड्रग है जिसके पकड़े जाने के मामले प्रदेश में पहले कुल्लू जिले में ही सामने आए हैं। अब राजधानी शिमला में इसका मामला सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और एलएसडी जैसे खतरनाक अन्य नशों की तस्करी रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं।