फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने कुखेड़ा स्कूल के साथ लगते तीन-चार गांवों में अलर्ट जारी कर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
गौर हो कि स्कूल स्टाफ ने परिसर में दो मृत चमगादड़ देखे लेकिन इस मामले को हल्के में लिया। जैसे ही उन्हें सिरमौर में चमगादड़ों के मरने के पीछे निपाह वायरस के अंदेशे की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी।
साथ ही, बच्चों के लिए बनाए मिड डे मील को फेंककर स्कूल में छुट्टी कर दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को लेकर पशुपालन विभाग से संपर्क किया और पशुपालन विभाग की एक टीम वीरवार देर सायं स्कूल पहुंची।
उस समय स्कूल परिसर में एक चमगादड़ का कंकाल ही मिला। उस समय पशुपाल विभाग ने स्कूल परिसर के नजदीक लगी आग का हवाला देते हुए चमगादड़ों की मौत आग से होने का अंदेशा जताया था।
लेकिन आज स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कार्यकारी सीएमओ निखिल सहोड़ की अध्यक्षता में पहुंची तो उन्हें भी एक चमगादड़ मृत अवस्था में मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृत चमगादड़ को सैंपल के लिए पशुपालन विभाग को सौंप दिया है।
स्कूल के मुख्याध्यापक राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने मृत चमगादड़ों की सूचना तुरंत विभाग को दे दी थी। पशुपालन विभाग ने स्थिति सामान्य बताने के बाद ही आज स्कूल को चलाया गया।
कार्यकारी सीएमओ डॉ. निखिल सहोड़ ने बताया कि विभाग ने स्कूल के साथ लगते इलाके में अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में किसी को भी तेज बुखार आता है तो वो पेरासिटामोल का सेवन कर नजदीकी अस्पताल में उपचार लें। कार्यकारी सीएमओ ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।