जिला मंडी में जहरीली शराब के सेवन से सात लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय ग्रोवर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी ने उसे वैधानिक जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार लगाई थी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला मंडी में जहरीली शराब के सेवन से सात लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय ग्रोवर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी ने उसे वैधानिक जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार लगाई थी। दलील दी गई कि पुलिस ने अदालत के समक्ष अधूरी और दोषपूर्ण पुलिस रिपोर्ट दाखिल की है। अदालत के समक्ष 90 दिनों के भीतर चालान पेश करने में पुलिस ने जल्दबाजी दिखाई। अदालत में गलत और अधूरी पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने पर याचिकाकर्ता वैधानिक जमानत पाने का अधिकार रखता है।
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न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने अपने निर्णय में कहा कि मामले पर विचारण न्यायालय ने केवल हस्तलिखित गवाहों के बयान पर आपत्ति जताई थी। गवाहों के बयानों की प्रतियां विचारण न्यायालय को सौंप दी गई हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से दायर की गई रिपोर्ट अधूरी और दोषपूर्ण नहीं मानी जा सकती। सरकार की ओर से भी जमानत याचिका का विरोध किया गया। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता केवल संशोधित स्पिरिट का अवैध आपूर्तिकर्ता नहीं है, बल्कि नकली शराब का निर्माण और इसे अवैध रूप से बेचता भी था।