करीब 3.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस हेलीपोर्ट में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत फायर भवन, टर्मिनल भवन, यूटिलिटी भवन, भूमिगत जल टैंक और ओवरहेड जल टैंक का निर्माण किया जाएगा। हेलीपोर्ट में ही ईंधन उपलब्ध होने से भविष्य में चंबा में हेली टैक्सी सेवाओं के संचालन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के लोग लंबे समय से सरकार से हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग अपना सिविल वर्क अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
हेलीपोर्ट के शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। मणिमहेश यात्रा के दौरान चंबा से गौरीकुंड तक सीधी हेलिकाॅप्टर सेवा शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में हेलिकॉप्टर सेवा केवल भरमौर से गौरीकुंड तक संचालित होती है। यदि चंबा से सीधी उड़ान शुरू होती है तो श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि हेलिपोर्ट का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्य को और गति प्रदान करवाई जाएगी।