भारतीय वायुसेना के जवान प्रदेश के अति दुर्गम क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों को निकालने, स्थानीय लोगों, भेड़पालकों को राशन और दवाइयां पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं।
हिमाचल में आपदा की घड़ी में भारतीय वायु सेना फिर देवदूत बनकर सामने आई है। भारतीय वायुसेना के जवान प्रदेश के अति दुर्गम क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों को निकालने, स्थानीय लोगों, भेड़पालकों को राशन और दवाइयां पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं। भारतीय वायुसेना के हेलिकाप्टर ने मंगलवार को छितकुल से आगे 13,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित खान दुमती और निथल थाच में 1.95 टन राशन सहित आवश्यक दवाइयां पहुंचाईं।
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इस दौरान 11 अस्वस्थ सैनिकों को भी सुरक्षित निकाला गया। दरअसल, भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से किन्नौर जिला के सांगला घाटी में सेना और अर्धसैनिक बलों की चौकियों के रास्ते पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं। इसीलिए वायुसेना के हेलिकाप्टर से राशन और दवाइयां पहुंचाई गईं।