उत्तर रेलवे ने कालका-शिमला यूनेस्को विश्व धरोहर रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को पहली बार एयर ब्रेक कोच सेवा शुरू की। पहले यह कोच कालका-शिमला एक्सप्रेस के रूप में पुराने वैक्यूम ब्रेक सिस्टम के साथ चलती थी लेकिन एयर ब्रेक सिस्टम के साथ इसे पहली बार कालका-शिमला ट्रैक पर चलाया है। उत्तर रेलवे की ओर से स्वदेशी रूप से विकसित एयर ब्रेक सिस्टम से लैस नैरो गेज कोचों को अधिकारिक तौर पर सेवा में शामिल किया है। यह ट्रेन शुक्रवार को कालका से शिमला साढ़े पांच घंटे में पहुंची। एयर ब्रेक कोच गाड़ी संख्या 52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस के रूप में कालका से शिमला के लिए सुबह 6:30 बजे रवाना हुई। सात कोचों (14 यूनिट) और लोको नंबर 714 के साथ यह ट्रेन सुबह 11:50 बजे शिमला पहुंची। बीते वर्ष एयर ब्रेक कोच के ट्रायल आयोजित किए थे जिसमें टीम ने चढ़ाई में भार क्षमता की जांच की। इसके साथ जनरेटर चलाकर बिजली और एसी की सप्लाई को भी देखा तथा ब्रेक और प्रेशर की भी बारीकियां जांची थीं। यह ट्रायल सफल रहा था। इसके बाद इसके विस्तृत ऑसिलेशन ट्रायल, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण और नियंत्रण परीक्षण किए गए। इसके आधार पर अब उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा कोच को आधिकारिक तौर पर शुरू और यात्री सेवा शुरू करने की अंतिम मंजूरी दी गई।