नए साल में आम लोगों को बड़ी चिकित्सीय सुविधा मिल सकती है। जल्द ही देश के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को एयर एंबुलेंस कम एयर डिस्पेंसरी की सुविधा मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार 2018 के बजट में इस योजना का ऐलान कर सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर पूरी तैयारी कर ली है।
बता दें कि अब तक देश के कई प्राइवेट अस्पताल एयर एंबुलेंस की सुविधा देते हैं। इनका खर्च कई लाख होने की वजह से यह आम लोगों की पहुंच से बाहर रहती हैं। यही वजह है कि सरकार इस सेवा को पवन हंस के साथ मिलकर शुरू करने जा रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि इसके लिए सरकार अन्य कंपनियों के साथ करार कर सकती है।
सूत्रों का कहना है कि एयर डिस्पेंसरी कम एयर एंबुलेंस की सुविधा देश के 9 राज्यों को मिल सकती है। इसमें बाकायदा पूरी टीम होगी, जो पहाड़ी इलाके में जाकर मरीजों का उपचार करेगी। मरीज गंभीर बीमारी से ग्रस्त होगा तो उसे नजदीकी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एयरलिफ्ट किया जाएगा। सरकार ने फिलहाल इस योजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
कैसी होगी सरकारी एयर एंबुलेंस
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार की घोषणा से पहले इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।
लेकिन पिछले कुछ समय से पहाड़ी इलाकों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में खासतौर पर चिकित्सीय सुविधाएं समय पर न मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसीलिए एयर एंबुलेंस की सुविधा जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी है।
एयर डिस्पेंसरी कम एयर एंबुलेंस में एक वरिष्ठ डॉक्टर, नर्स, जांच किट, दवाएं, जीवन रक्षक उपकरण होंगे। यह टीम ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर मरीज की जांच करेगी। हालत गंभीर हुई तो पास के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में एयर लिफ्ट किया जाएगा।
इन राज्यों को मिल सकती है सेवा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय, केरल और तमिलनाडु।