डीजेनेरेटिव सर्वाइकल मायलोपैथी ऑस्टियोफाइट्स गठन, लिगामेंटम फ्लेवम हाइपरट्रॉफी और उभरी हुई डिस्क होती है। इस कारण एकल या एकाधिक रीढ़ की हड्डी के स्तर की ऊंचाई में कमी होती है। इस बीमारी से गर्दन, कंधों और भुजाओं में तेज दर्द होता है। चीज को पकड़ने में कमजोरी, शरीर के कुछ अंगों में अकड़न, हाथों में सुन्नता, झुनझुनी और चलने में समस्या होती है। यदि यह बढ़ती जाए तो क्वाड्रिपैरेसिस और क्वाड्रीप्लेजिया में बदल सकती है।
डीजेनेरेटिव सर्वाइकल मायलोपैथी (डीसीएम) गंभीर बीमारी है। इसे क्वाड्रिपेरेसिस की स्थिति में सर्वाइकल स्पॉन्डलाटिक मायलोपैथी (सीएसएम) भी कहा जाता है। यह रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या है। यह ऑपरेशन चमत्कार से कम नहीं हैं। मरीज ने वॉकर के सहारे चलना शुरू कर दिया है और जल्द ही वे पूरी तरह से स्वस्थ होंगी।- डॉक्टर अर्जुन धर,न्यूरो सर्जन एम्स बिलासपुर
एम्स को जिस उद्देश्य से केंद्र सरकार ने शुरू किया है, हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। डीजेनेरेटिव सर्वाइकल मायलोपैथी जैसी गंभीर बीमारी का सफल ऑपरेशन इसका पहला चरण है।- डॉ. दिनेश वर्मा, एमएस एम्स बिलासपुर