कांगड़ा चाय को उसका अपना अस्तित्व लौटाने और चाय उद्योग को विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार विशेष प्रयास करेगी। चाय उत्पादकों को हर संभव सुविधा तथा सहायता प्रदेश सरकार की ओर उपलब्ध करवाई जाएगी।
कृषि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रामलाल मारकंडा मंगलवार को चाय भवन कालू दी हट्टी में चाय बागवानों की कार्यशाला में बोल रहे थे। कहा कि कांगड़ा चाय स्वाद में दार्जिलिंग की चाय से अधिक स्वादिष्ट है।
तकनीकी कमी तथा सही मार्केटिंग न होने के कारण उत्पादकों को उनके उत्पादन के सही दाम नहीं मिल पाते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा चाय की मार्केटिंग के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने वैज्ञानिकों से चाय उत्पादन को बढ़ाने तथा इस पर नए शोध करने का आह्वान किया। इस दौरान विधायक आशीष बुटेल, पूर्व विधायक दुलो राम, टी बोर्ड ऑफ इंडिया की सदस्य वीना श्रीवास्तव, अतिरिक्त निदेशक
कृषि डॉ. आरके कौंडल, पूर्व कांगड़ा वैली स्माल टी प्लांर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, पालमपुर टी फैक्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएल बुटेल, टी बोर्ड के उप निदेशक डॉ. अनुपम दास, तकनीकी अधिकारी डीएस कंवर समेत कई लोग मौजूद रहे।