परिजनों और ग्रामीणों को जैसे ही मृत्यु की सूचना मिली तो वह तुरंत घर आ गए। वृद्घ कांशीराम को भी रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट ले जाया गया जहां दोनों की चिताएं एक साथ जलाई गईं।
इस मौके पर मौजूद हर किसी की आंखों से अश्रुधारा फूट पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों की शादी को 70 वर्ष हो गए थे और वह आज तक इकट्ठे ही रह रहे थे। वह अपने चार बेटों से भी अलग रहते थे और दोनों मृत्यु से एक सप्ताह पूर्व तक अपना खाना भी स्वयं बनाया करते थे।
इस वयोवृद्ध जोड़े के देहावसान पर सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह, पूर्व पार्षद वंदना गुलेरिया, प्रदेश भाजयुमो महामंत्री रजत ठाकुर, पंचायत प्रधान कमलेश भारद्वाज सहित क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।