मांगपत्र विधायक समेत मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक भेज दिया था। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी कुछ दिन पहले ओकओवर में बैठक बुलाकर इनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की थी। मेयर की बैठकों और अन्य कार्यक्रमों का भी बहिष्कार कर रहे थे। इसके बाद महापौर सुरेंद्र चौहान ने खुद इन्हें मनाने के लिए पहल की। लंच में पार्षदों की पसंद का खाना तैयार किया था। खाने में मटर पनीर, मटर मशरूम, मटन, दाल से लेकर गजरेला तक का इंतजाम किया गया था। लंच के बाद सभी पार्षदों ने महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल के साथ फोटो भी खिंचवाई और साथ होने का दावा किया। इस लंच में पार्षद सिमी नंदा, नरेंद्र ठाकुर, उर्मिला कश्यप, चमन प्रकाश, उमंग बांगा, किरण शर्मा, शांता वर्मा, शीनम कटारिया, विशाखा मोदी, रचना भारद्वाज, मोनिका भारद्वाज, अतुल गौतम, आरआर वर्मा, दलीप थापा, आलोक पठानिया, विनीत शर्मा, कुलदीप ठाकुर, मनोनीत पार्षद गीतांजलि भागड़ा, राजकुमार, अश्वनी और विनोद भाटिया पहुंचे। पार्षद कांता सुयाल, सुषमा कुठियाला, अंकुश वर्मा, अनिता शर्मा नहीं पहुंच पाए।
मेयर ने सबको किए थे फोन
महापौर सुरेंद्र चौहान ने खुद सभी पार्षदों को कॉल कर लंच पर बुलाया। उन्होंने कहा कि मिल बैठकर सबकी बात सुनी जाएगी। इस पर पार्षद तैयार हो गए। महापौर ने कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा के घर जाकर उनसे भी गुरुवार को लंची बात की थी। महापौर के बुलावे पर शुक्रवार को पहली बार सभी पार्षद बैठक में आने के लिए तैयार हो गए। यहां पहले पार्षदों के तेवर तल्ख दिखे। कुछ पार्षदों ने कहा कि रोस्टर के अनुसार महिला को मेयर पद पर मौका मिलना चाहिए था। मेयर से कहा कि आपने सभी पार्षदों को साथ बिठाकर कभी उनसे बात नहीं की कि आगे किसे मौका मिलना चाहिए। पार्षदों ने कहा कि यदि पहले ही इस तरह की बैठक बुलाते तो यह विवाद न होता। महापौर ने भी माना कि उनसे गलती हुई लेकिन साथ ही कहा कि उन्होंने काम में कभी भेदभाव नहीं किया। भरोसा दिया कि उनके वार्डों के कोई काम नहीं रुकेंगे। पार्षद बोले कि काम तो होते रहेंगे लेकिन सभी को बराबर मान-सम्मान मिलना चाहिए। आखिर में नाराज पार्षद नरम पड़ गए और महापौर और उप महापौर को बढ़े हुए कार्यकाल की बधाई दी। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में विचाद थमता है या नहीं।
अभी भी संपर्क में हैं कांग्रेस पार्षद : भाजपा
भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के पार्षद अभी भी उनके संपर्क में है। यह सिर्फ महापौर की बुलाई बैठक में शामिल होने गए थे। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि सभी लोग 9 दिसंबर को कोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। नगर निगम सदन की सभी महिला पार्षद एकजुट हैं। चुनाव रोस्टर के अनुसार महिला को ही मेयर पद मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भले ही महापौर के सामने नाराज पार्षदों ने साथ चलने की बात कही है, लेकिन अभी भी यह पार्षद उनके संपर्क में हैं।