प्रदेश में बीते 3 फरवरी से पेन डाउन स्ट्राइक पर चल रहे मेडिकल ऑफिसरों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार मेडिपर्सन एक्ट में संशोधन करने को तैयार हो गई है। रविवार को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि एक्ट में कोई भी संशोधन विधानसभा में लाए बिना नहीं किया जा सकता।
ऐसे में कुछ डॉक्टर जानबूझकर हड़ताल के नाम पर राजनीति चमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की मांगों को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में मेडिपर्सन एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा। उसके बाद एक्ट को विधानसभा में पारित करने के लिए लाया जाएगा।
कौल सिंह ने डॉक्टरों को चेताया कि जिस प्रकार एचआरटीसी कर्मचारियों ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद आंदोलन वापस लिया था, उसी प्रकार पेन डाउन हड़ताल भी वापस न लेनी पड़े। उधर, डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे गतिरोध को तोड़ने के लिए मुख्य सचिव वीसी फारका ने भी सोमवार को हड़ताली डॉक्टरों को बातचीत के लिए बुलाया है।