साहसिक खेलों के दौरान होने वाले हादसों के बाद जयराम सरकार अब इनके संचालन पर सख्ती करने की तैयारी में है। इन खेलों के संचालन को संस्थानों के लिए नियम कड़े किए जा रहे हैं।
जरूरी मानक पूरे न करने पर हादसा होने की स्थिति में इसमें सजा का प्रावधान भी हो सकता है। इन खेलों का लुत्फ उठाने वालों से होने वाली कथित लूट को भी कम किया जा सकेगा।
इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की जल्द एक बैठक बुलाई है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में कुल्लू, मनाली, सोलंगनाला समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में साहसिक खेलों के दौरान कई लोगों की जान जा चुकी है।
हर बार किसी हादसे के बाद प्रशासन सख्ती कर इन खेलों का संचालन करने वालों पर डंडा चलाता है, लेकिन कोई ठोस नीति न होने की वजह से इन पर स्थायी तौर पर अंकुश नहीं लगाया जा पा रहा था।