इसके बाद मंत्री ने मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष और कैबिनेट में उठाया। कृषि मंत्री ने बताया कि हिमाचल सरकार ने इस मामले में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और जल्द अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि 70 के दशक में जनजातीय क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर तत्कालीन सरकार ने इन इलाकों में तैनात कर्मचारियों को साल में 2 बार 6-6 महीने का एकमुश्त एडवांस वेतन देने की व्यवस्था शुरू की थी।
तभी से कर्मचारियों को अप्रैल और सितंबर में 6-6 महीने का एकमुश्त एडवांस वेतन दिया जाता रहा है, लेकिन पूर्व सरकार ने पिछले साल इस व्यवस्था को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। राज्य सरकार के वित्त सचिव श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि सरकार इस संदर्भ में जल्द अधिसूचना जारी करेगी।
उधर, जिला लाहौल-स्पीति कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मेघचंद प्रभु ने एडवांस वेतन व्यवस्था बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कृषि मंत्री डॉ. मारकंडा का आभार जताया है।