कोई भी प्याज विक्रेता थोक या परचून में तय दाम से ज्यादा रेट में प्याज नहीं बेच पाएगा। हिमाचल के जिला सोलन प्रशासन ने प्याज कारोबारियों के लिए मुनाफे की दरें तय कर दी हैं। उपायुक्त केसी चमन ने सोमवार को कहा कि जो भी व्यापारी इस अधिसूचना का उल्लंघन करेगा, उसके पास से पूरा प्याज जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब थोक के प्याज कारोबारी पांच प्रतिशत और परचून के 24 प्रतिशत से अधिक लाभांश नहीं ले पाएंगे। 24 प्रतिशत लाभांश में परिवहन भाड़ा, चढ़ाना-उतारना, कमी और अन्य खर्च शामिल रहेंगे। यह आदेश हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी उन्मूलन आदेश 1977 के खंड 3(2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
इससे जिले में थोक व परचून दुकानदारों की ओर से प्याज पर लिए जाने वाले लाभांश की अधिकतम सीमा निर्धारित हो गई है। इन सभी खर्चों की गणना थोक बिक्री मूल्य पर कर परचून दर तय होगी। जिला दंडाधिकारी ने सभी व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित सीमा तक का लाभांश ही वसूल करें।
उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में व्यापार मंडलों और सब्जी विक्रेता संगठनों के साथ बैठक कर उन्हें इस अधिसूचना से अवगत करवाएं। उन्होंने व्यापार मंडलों और सब्जी विक्रेता संगठनों को अधिसूचना की प्रति उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं।