हिमाचल के पैसे का किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है? सरकार ने इसका जायजा लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची फील्ड में उतरे हैं।
वित्त विभाग के साथ लोक निर्माण विभाग का जिम्मा सौंपने के बाद वह बॉर्डर और जनजातीय सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों और लंबित प्रोजेक्ट को लेकर किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी जिले के क्षेत्रों के दौरे पर हैं। वह विकास कार्यों को लेकर अफसरों से नहीं, बल्कि लोगों से भी बातचीत करेंगे।
अपने साप्ताहिक दौरे के बाद खाची ने 15 जून को शिमला में वित्त और लोक निर्माण विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि अगर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में खामियां पाई गईं तो फील्ड अफसरों पर कार्रवाई संभव है। सरकार हर साल सड़कों के निर्माण को करोड़ों की धनराशि जारी करती है।
प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अतिरिक्त बजट दिया जाता है, ताकि इन क्षेत्रों को शहरी की तर्ज पर विकास कार्य हो सके। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में सरकार के करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें बिजली प्रोजेक्ट, सिंचाई स्कीमें, पानी की स्कीमें, पुल आदि का जायजा लेंगे।
हिमाचल में सड़कों, बिजली, स्वास्थ्य, पानी और सिंचाई की स्कीमें, स्वास्थ्य संबंधित लंबित प्रोजेक्टों का जायजा लिया जा रहा है। वित्त विभाग हर साल विकास कार्यों के लिए करोड़ों की राशि जारी करता है। फील्ड में इन कार्यों का निरीक्षण किया जा रहा है।
- अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, लोनिवि