मालभाड़े को लेकर अदाणी कंपनी के दाड़लाघाट और बरमाणा सीमेंट प्लांट में 50 दिन से चल रहे विवाद का हल न निकलने पर बुधवार को ट्रक ऑपरेटरों के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए ऑपरेटरों ने प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार और अदाणी कंपनी के खिलाफ हल्ला बोल दिया। ट्रक ऑपरेटरों ने जमकर नारेबाजी की और दाड़लाघाट में हाईवे पर आधा घंटा जाम लगा दिया। इससे कई वाहन जाम में फंस गए। इस बीच 40 ट्रक ऑपरेटरों ने गिरफ्तारियां भी दीं। बंद पड़े प्लांट खुलवाने में सुक्खू सरकार के नाकाम रहने पर ट्रक ऑपरेटरों ने आक्रोश रैली भी निकाली। ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विवाद हल करने के लिए तारीख पर तारीख दिए जा रही है, जबकि विवाद हल नहीं कर पा रही। ट्रक ऑपरेटरों के प्रदर्शन और रैली के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए डीएसपी संदीप शर्मा सहित नायब तहसीलदार दाड़लाघाट प्रदीप मेहता भी मौके पर मौजूद रहे।
जाम खुलवाने के लिए पुलिस को खूब मशक्कत करनी पड़ी। गुस्साए ट्रक ऑपरेटरों की संघर्ष समिति के सदस्यों ने थाने में जाकर गिरफ्तारियां दीं। बाघल लैंड लूजर के पूर्व प्रधान राम कृष्ण शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रक ऑपरेटरों के इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ 40 लोगों ने ही गिरफ्तारी दी है। ट्रक ऑपरेटरों ने अदानी कंपनी, केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया कि विवाद हल नहीं हुआ तो 100 दिन तक रोजाना गिरफ्तारियां दी जाएंगी। इस दौरान पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा भी ऑपरेटरों के समर्थन में दाड़लाघाट पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विवाद को हल करने में नाकाम रही है। हजारों लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है, लेकिन सरकार को काेई फर्क नहीं पड़ रहा।
4 फरवरी को दो घंटे करेंगे चक्का जाम
एडीकेएम के पूर्व प्रधान बालक राम शर्मा ने कहा कि 4 फरवरी को सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक पूरे प्रदेश में ट्रांसपोर्टर चक्का जाम करेंगे। इसके अलावा शालाघाट, दाड़लाघाट और भराड़ीघाट की सीमाओं पर चक्का जाम करेंगे। 11 फरवरी को महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत भी शामिल होंगे। पूरे प्रदेश व ऊपरी इलाकों के किसानों-बागवानों को भी इस महापंचायत में आमंत्रित किया जाएगा।
देर शाम निकाला मशाल जुलूस
ट्रक ऑपरेटरों ने बुधवार देर शाम अदाणी कंपनी प्रबंधन, केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस भी निकाला। ऑपरेटर बड़ी संख्या में अंबुजा चौक पर एकत्रित हुए और हाथों में मशालें लेकर इएसआई अस्पताल से डाकघर तक जुलूस निकाला। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ अंधेर है अंधेर के नारे भी लगाए।