सीमेंट विवाद के 66 दिन बाद भी ट्रक ऑपरेटरों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। सरकार के हस्तक्षेप के बाद भी अदाणी समूह सीमेंट उद्योगों के ताले खोलने को तैयार नहीं है। इसके चलते ऑपरेटरों ने बिलासपुर जिले की सभी सीमाएं सील कर दी हैं। नम्होल, देहणी, कोलांवाला टोबा, लदरौर समेत कई जगहों पर नाके लगाए गए हैं।
शनिवार को भी दिनभर ऑपरेटरों ने अपनी-अपनी सीमाओं का जिम्मा संभाले रखा। बाहर से आने वाले ट्रकों को बीडीटीएस के ऑपरेटरों ने वापस भेजा। वहीं, उन्हें चेताया कि जब तक सीमेंट विवाद नहीं सुलझता, तब तक कोई भी सीमेंट या अन्य सामान लेकर बिलासपुर की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
सबसे ज्यादा सख्ती हमीरपुर-बिलासपुर सीमा पर तरघेल, लदरौर और पंतेहड़ा में बरती गई। इस सीमा पर भूतपूर्व सैनिक यूनियन के ऑपरेटरों ने जिम्मा संभाला है। ऑपरेटरों ने दिन रात इस सीमा पर पहरा लगा दिया है। शनिवार को यूनियन द्वारा उन ट्रकों को रोका गया जो बरमाणा यूनियन में दर्ज हैं व रेत व बजरी ढोने में जुटे हैं।
यूनियन ने इन ट्रकों की 1100-1100 रुपये की पर्ची काटी। भूतपूर्व सैनिक ट्रक यूनियन के प्रधान जगरनाथ ने बताया कि बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद होने के बाद संघर्ष चल रहा है। लेकिन कुछ ट्रक मालिक रेत, बजरी व अन्य सामान ढोने में लगे हैं।
शिमला-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर तरघेल के समीप यूनियन द्वारा लगाया नाका दूसरे दिन भी जारी रहा। दिन व रात को ट्रक ऑपरेटर मुस्तैदी से बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों पर नजर रखे हुए हैं। प्रधान जगरनाथ ने कहा कि बरमाणा में चल रहे सैकड़ों ट्रक मालिकों व चालकों के परिवार पर रोटी के संकट आया है।
लेकिन कुछ ट्रक मालिक अपने ट्रकों में रेत, बजरी व अन्य सामान ढोने में लगे हैं। ऐसे में उन ट्रकों की पर्चियां काटी गई हैं। उन्होंने बताया कि इन पर्चियों से जो पैसा इकट्ठा हुआ है, वह यूनियन द्वारा संचालित गोशाला में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार ट्रकों की गोशाला के नाम की पर्चियां काटी गई हैं।
बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने कहा कि बरमाणा में भी आठवें दिन ऑपरेटरों का धरना जारी रहा। शनिवार को वार्ड नंबर आठ से रमेश ठाकुर और सुभाष धरने पर बैठे। कहा कि रविवार को दाड़ला के ट्रक ऑपरेटरों के साथ बरमाणा में बैठक रखी गई है।
दोपहर 1:00 बजे के बाद बैठक होगी और आगे की रणनीति तय होगी। वहीं, दाड़लाघाट में होने वाली महापंचायत में बरमाणा के ट्रक ऑपरेटर भी हिस्सा लेंगे। कहा कि स्वारघाट व नयनादेवी बॉर्डर से पहले ही यूनियन द्वारा मालवाहक वाहनों को रोका जा रहा है ताकि वे बिलासपुर में प्रवेश न कर सकें। शनिवार को भी करीब 50 मालवाहक वाहनों को वापस भेजा गया है।