अदाणी कंपनी ने सरकार को सूचना दिए बिना सीमेंट प्लांट बंद किए हैं। नियमों के तहत कंपनी को पहले राज्य सरकार को अवगत करवाया जाना चाहिए था। इस पर सरकार ने श्रम विभाग को आदेश दिया है कि कंपनी को ऐज फॉर लेबर लॉ का नोटिस जारी करे। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया है कि बिलासपुर और सोलन के उपायुक्तों ने बुधवार को ट्रक यूनियन और कंपनी अधिकारियों से बात कर मामला सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
दोनों उपायुक्तों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी मामले की जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि दो महीने से कंपनी और ट्रक यूनियन के बीच परिवहन को लेकर विवाद चल रहा है। कंपनी और यूनियन के बीच समझौता न होने से यह नौबत आई है।
दो दिन पहले कंपनी के अधिकारियों ने बताया था कि कंपनी ने नया-नया काम संभाला है। सीमेंट के उत्पादन में कमी हो रही है। ट्रक यूनियन सीमेंट लिफ्ट नहीं कर रही है। भाड़े को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई है। इसमें कंपनी और यूनियन के अधिकारी शामिल होते हैं, वे भाड़े का रेट तय करते हैं।
बरमाणा से प्रदेश में हर दिन होती थी 3,000 मीट्रिक टन की खपत
वर्तमान में बरमाणा में एसीसी कंपनी पांच हजार मीट्रिक टन सीमेंट उत्पादन हर दिन कर रही थी। कंपनी की क्षमता 15 हजार मीट्रिक टन सीमेंट और क्लींकर उत्पादन की है। प्रदेश में हर दिन तीन हजार मीट्रिक टन एसीसी सीमेंट की खपत होती है।