विज्ञापन 300 पदों का था, लेकिन चयन 378 का कर लिया। अकेले धर्मशाला डिवीजन से ही करीब 147 कंडक्टर चयनित किए गए। इनमें भी तत्कालीन परिवहन मंत्री के विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां से 73 और रोहड़ू से 35 लोग चयन सूची में थे। भर्ती में डिवीजन स्तर पर मेरिट नहीं बनी। भर्ती दस्तावेजों में कटिंग और ओवर राइटिंग थी।
आरोपी परिवहन निगम अधिकारी की अग्रिम जमानत पर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की कोर्ट में सुनवाई हुई। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर सुनवाई को 11 जून की तिथि मुकर्रर की। इसी सुनवाई में अदालत फैसला ले सकती है कि आरोपी अधिकारी को नियमित जमानत दी जाए या उसे गिरफ्तार किया जाए।