राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष केके कटोच पर सरकार बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। आयोग के सदस्य सहित कर्मचारियों की शिकायत पर सरकार ने इस मामले पर प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है।
अध्यक्ष पर सरकारी पद के दुरुपयोग और स्टाफ से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। इन सभी आरोपों पर अध्यक्ष ने सरकार को अपना जवाब भी भेज दिया है। अध्यक्ष के जवाब का मंथन करने के बाद सरकार आगामी कार्रवाई करेगी। प्रधान सचिव शिक्षा ने आयोग के अध्यक्ष से जवाबतलबी की थी।
संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हितेश आजाद ने सरकार के आदेशानुसार मामले की प्रारंभिक जांच की है। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि आयोग के सदस्य एसपी कत्याल पर अध्यक्ष केके कटोच प्रभावपूर्ण तरीके से कंट्रोल रखने में असफल साबित हुए हैं।
अध्यक्ष और सदस्य के बीच किसी भी तरह का सामंजस्य नहीं है। इस कारण आयोग का काम प्रभावित हो रहा है। बिना किसी पुख्ता कारणों के निजी संस्थानों में कोर्सिज को शुरू और बंद किया जा रहा है। निरीक्षण कमेटी की फाइलों को सदस्य को नहीं दिखाया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट में अध्यक्ष द्वारा सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग की बात भी कही गई है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने आयोग के अध्यक्ष से जवाबतलबी की थी।
एक अक्तूबर को अध्यक्ष का जवाब प्रधान सचिव को मिल गया है। अब इस जवाब को पढ़ने के बाद आगामी कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा। शिक्षा विभाग अध्यक्ष के जवाब पर कानूनी राय भी ले रहा है।
संभावित है कि सरकार जल्द आयोग के अध्यक्ष की कार्य प्रणाली की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर सकती है। अध्यक्ष केके कटोच की पूर्व सरकार के समय जून 2017 में तीन साल के लिए नियुक्ति की थी।