श्हरी निकायों के अधिकारी और पंचायतों के सचिव पर इसकी गाज गिर सकती है। हिमाचल में 54 शहरी निकाय और 3234 पंचायतें हैं। राज्य सरकार की ओर से शहरी विकास विभाग और ग्रामीण विकास विभाग निदेशकों तथा शहरी निकायों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
कूड़ा नष्ट करने के लिए जहां संयंत्र स्थापित किया जाना है, उसके लिए जमीन की उपलब्धता जिला उपायुक्तों को करनी होगी। डीसी चाहे तो इस संयंत्र के लिए जमीन सरकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
अगर सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होती है तो उन्हें लोगों के साथ तालमेल बैठाने या फिर संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन खरीदनी होगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक, पर्यावरण आरडी धीमान ने कहा है कि शहरी निकायों को एक महीने के भीतर प्लान तैयार करने का समय दिया है।
अगर तय समय पर गारबेज कलेक्शन और कूड़ा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्लान नहीं दिया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से पंचायतों और शहरी निकायों को दो साल से स्वच्छता को लेकर अवगत कराया जा रहा है। विभागों की ओर से पत्राचार किया जा रहा है लेकिन डोर टू डोर गारबेज योजना को अमल में नहीं लाया जा रहा है।