शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव व गुणवत्ता नियंत्रण सेल के अध्यक्ष संजय कुंडू ने पीडब्ल्यूडी के पांवटा डिविजन में आने वाली इस सड़क की गुणवत्ता की जांच के आदेश दे दिए। जांच के लिए एसई दीपक शर्मा की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय टीम ने सड़क की विभिन्न मानदंड पर जांच की। जांच के दौरान पता चला कि करीब नौ लाख रुपये से होने वाले टारिंग के काम में ठेकेदार रमनीक ठाकुर ने जमकर खेल किया।
यही नहीं मानकों की जांच करने की जिम्मेदारी निभाने में अधिशासी अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता तक ने लापरवाही बरती। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले में तीन अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। यही नहीं, ठेकेदार से ही उस सड़क के सुधार के लिए पैसा वसूलने को भी कहा गया है।