मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस पहल से यह प्रणाली सीधे तौर पर दोनों विभागों के लगभग 5,500 कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) के प्रबंधन की प्रणाली को सुव्यवस्थित करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की ऑनलाइन प्रणाली मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से यह प्रणाली सीधे तौर पर दोनों विभागों के लगभग 5,500 कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) के प्रबंधन की प्रणाली को सुव्यवस्थित करेगी। इस प्रणाली से मानव संसाधन प्रक्रियाएं सरल और तीव्र होंगी, जिससे पारदर्शिता में सुधार होगा।
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उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रणाली में अतिरिक्त विशेषताएं जोड़ी जाएंगी, जिनमें जिला परिषद कर्मचारियों के स्थानांतरण, तैनाती और सेवा पुस्तिकाओं के प्रबंधन की सुविधाएं शामिल होंगी। इससे विभागों की मानव संसाधन प्रक्रियाओं की क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए विभाग की कार्यप्रणाली में कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को शामिल करने के आदेश दिए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने एलआर चौहान की पुस्तक का विमोचन किया
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य लेखा परीक्षा विभाग के सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक और हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के वित्तीय सलाहकार लेखराज चौहान की ओर से लिखित कहानी संग्रह ‘अंतिम तरकीब’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संग्रह मुख्य रूप से ग्रामीण लोगों के रहन-सहन और दैनिक कामकाज में उनकी मान्यताओं पर केंद्रित है। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक एसआर हरनोट, मधु शर्मा और आकाश चौहान भी उपस्थित थे