भंग हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन अयोग पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी उमा आजाद को अदालत से जमानत मिल गई है। आरोपी को जेई सिविल पोस्ट कोड 970 परीक्षा मामले में दर्ज एफआईआर में यह जमानत मिली है। इस एफआईआर में आरोपी बनाए गए पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर को भी अग्रिम जमानत मिल गई है।
हालांकि उमा आजाद अभी रिहा नहीं होगी। भर्ती परीक्षाओं की अन्य दो एफआईआर में अभी तक उमा आजाद को जमानत नहीं मिली है। पेपर लीक में कुल 13 मामले अब तक दर्ज हुई हैं। जिसमें से 11 में उमा आजाद को जमानत मिली है। ऐसे में रिहाई के लिए अभी उसे और इंतजार करना पड़ेगा।
जेई सिविल में 17 जुलाई 2023 को जांच एजेंसी विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें उमा आजाद समेत आयोग के सचिव रहे डा. जितेंद्र कंवर, आरोपी टै्रफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार, अभ्यर्थी मुकेश और एजेंट रणजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
जेई सिविल की यह भर्ती परीक्षा 11 पदों के लिए हुई थी। गिरफ्तार पांच आरोपियों में से चार को तो जमानत पर रिहा किया जा चुका है। लेकिन मुख्यारोपी होने के कारण उमा आजाद को जमानत नहीं मिल पाई थी। वीरवार को आखिरकार मुख्य आरोपी उमाको इसमें जमानत मिली है।
एसपी विजिलेंस राहुल नाथ का कहना है कि आरोपी उमा आजाद को जेई सिविल पोस्ट कोड 970 परीक्षा मामले में जमानत मिल गई है जबकि इस मामले में आरोपी जितेंद्र कंवर को भी अग्रिम जमानत मिली है। आरोपी उमा आजाद के अधिवक्ता केसी भाटिया का कहना है कि 11 मामलों में उमा आजाद को जमानत मिल गई है जबकि दो अन्य मामलों में वह हिरासत में है।