गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में जंगलों में आग लगने से करोड़ों की वन संपदा राख हो जाती है। कई वन्य प्राणी भी मौत की आगोश में समा जाते हैं। आग के इस तांडव को रोकने के लिए वन विभाग ने इस बार एक नई पहल की है।
इसके जरिये जिस भी जंगल में आग लगेगी, तो इसकी तुरंत सूचना विभाग के पास पंजीकृत उस जंगल के नजदीक रहने वाले स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों को मोबाइल फोन पर मिलेगी। इस तरह ये स्वयंसेवक विभाग की टीम के साथ मिल कर आग को बुझाने में अहम भूमिका निभा पाएंगे।
डीएफओ मंडी एसएस कश्यप ने बताया कि वन विभाग जंगलों के निकट रहने वाले अधिक से अधिक युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है। उनके नंबरों को शिमला स्थित विभाग की लैब में दिया जा रहा है।