कांग्रेस का भ्यूली के विपाशा सदन में पांच अप्रैल को प्रस्तावित सम्मेलन अब नौ अप्रैल को होगा। जिला कांग्रेस कमेटी ने इसकी सूचना जारी कर दी है। लेकिन इस सम्मेलन में शिरकत करने वाले संभावित नेताओं की लिस्ट से पूर्व सीएम वीरभद्र और उनके बेटे विक्रमादित्य का नाम गायब है।
गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनावों में विपाशा सदन में ही पंडित सुखराम और वीरभद्र की जुबानी जंग ने पुराने विवाद को नया रंग दे दिया था। वीरभद्र की सुखराम पर ‘आया राम गया राम’ की टिप्पणी के सियासी भूकंप से अनिल शर्मा ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी और कांग्रेस को मंडी में मुंह की खानी पड़ी।