विवि प्रशासन ने विभागों को वर्ष 2021-22 के वित्तीय रिकॉर्ड तत्काल तैयार रखने के दिए हैं आदेश, देरी करने पर होगी कार्रवाई
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राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठा था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के खातों का लंबित पोस्ट ऑडिट शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। विवि प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों, निदेशकों, अधिकारियों और शाखा प्रभारियों को तत्काल वित्तीय अभिलेख तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में देरी या लापरवाही को गंभीर मानते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी है। विवि के वित्त अधिकारी अमरजीत सिंह की ओर से जारी आदेशों के अनुसार 2021-22 के सभी विभागों और शाखाओं का पोस्ट ऑडिट होगा। विवि प्रशासन का कहना है कि लेखा परीक्षण बिना बाधा पूरा करने के लिए सभी वित्तीय और प्रशासनिक दस्तावेज पहले से व्यवस्थित रखना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विभाग को मुख्य और सहायक नकद पुस्तिकाएं, प्राप्ति एवं भुगतान वाउचर, बिल, बैंक खातों के विवरण, बैंक मिलान विवरण, सावधि जमा रसीदों का रिकॉर्ड, स्टॉक एवं भंडार रजिस्टर, अनुदान रजिस्टर, उपयोगिता प्रमाणपत्र, बजट आवंटन और व्यय नियंत्रण रजिस्टर सहित वित्तीय वर्ष 2021-22 से जुड़े सभी अभिलेख तैयार रखने होंगे। इसके अलावा अन्य सहायक वित्तीय रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने होंगे।
विश्वविद्यालय ने सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह स्वयं लेखा परीक्षण में सहयोग करें। संबंधित सहायक कर्मचारियों की उपस्थिति भी रिकॉर्ड के साथ सुनिश्चित की जाए। यदि कोई विभाग समय पर रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करता है या लेखा परीक्षण में सहयोग नहीं करता तो इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 14 जुलाई को राज्यपाल एवं कुलाधिपति की अध्यक्षता में हुई विश्वविद्यालय न्यायालय की बैठक में भी लंबित लेखा परीक्षण का मुद्दा गंभीरता से उठाया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों को रिकॉर्ड तैयार रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। लंबे समय से लंबित खातों के पोस्ट ऑडिट से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के वित्तीय लेनदेन, अनुदानों के उपयोग और व्यय अभिलेखों की विस्तृत जांच होगी।