प्रदेश के सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों, विश्वविद्यालय और स्वायत्त संस्थाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों, अधिकारियों का सरकार दुर्घटना बीमा करवाएगी। सरकार के समूह दुर्घटना बीमा योजना के दायरे में नियमित, एडहॉक, पार्ट टाइम, अनुबंध और डेलीवेज सभी कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
शनिवार को सरकार ने समूह दुर्घटना बीमा योजना की अवधि को एक साल के लिए बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है। नवंबर महीने की तनख्वाह से बीमा का 80 रुपये का सालाना प्रीमियम काटा जाएगा। हर कर्मचारी को प्रीमियम देना अनिवार्य किया गया है। एक साल के लिए सरकार बीमा करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने इसकी पुष्टि की है।
समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत एकत्र किए जाने वाले प्रीमियम के लिए सरकार अलग से मद बनाएगी। सभी विभागाध्यक्षों को नवंबर महीने की तनख्वाह से प्रीमियम काट कर संबंधित मद में जमा करने को कहा गया है। साल 2015 में सरकार ने समूह दुर्घटना बीमा योजना को शुरू किया था।
मौत पर परिजनों को मिलेंगे दो लाख रुपये
बीमा योजना के तहत एक्सीडेंट, बाढ़ में बहने, डूबने, भूस्खलन, सर्पदंश, भूकंप के दौरान मरने पर सरकार दो लाख रुपये की राशि परिजनों को देगी। नेचुरल डेथ को इसके दायरे में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा एक्सीडेंट में पूर्ण रूप से विकलांग होने पर भी दो लाख रुपये दिए जाएंगे। एक अंग और एक आंख के नुकसान होने पर दो लाख रुपये दिए जाएंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफआईआर अनिवार्य
बीमा राशि लेने के लिए मृतक व्यक्ति के नॉमिनी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस एफआईआर की कॉपी साथ लानी होगी। बीमा करवाने वाले व्यक्ति की मौत होने के तीस दिन के भीतर विभागाध्यक्ष को सूचना देनी होगी। क्लेम लेने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र भी देना होगा। संबंधित विभाग का विभागाध्यक्ष क्लेम की राशि जारी करेगा।