हिमाचल में घाटे में चल रही वोल्वो और एसी बसें नहीं चलेंगी। बसों की मरम्मत पर खर्च अधिक हो रहा है और इनसे आय बहुत कम हो रही है। ऐसे में सरकार ने यह फैसला ले लिया है। परिवहन मंत्री ने साफ कर दिया है कि जो बसें घाटे में चल रही हैं, उन्हें नहीं चलाया जाएगा।
इधर, इस फैसले पर संयुक्त समन्वय समिति ने खुशी जाहिर की है। प्रदेश में इस समय 91 वोल्वो बसें दौड़ रही हैं। इनमें से 41 बसें वेटविजिंग वाली हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इन बसों को वेटलिजिंग पर लिया गया था। बताया जा रहा है कि चार एसी डीलक्स बसों को हटाने के लिए परिवहन मंत्री ने रिपोर्ट मांगी है।
संयुक्त समन्वय समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि घाटे पर चल रही कई बसों का खर्चा प्रति किलोमीटर 42 रुपये के आसपास बैठ रहा है। जबकि कमाई 20 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से आ रही है। इससे परिवहन निगम को लाखों रुपये की चूना लग रहा है।
हिमाचल में एसी डीलक्स बसों को भी वेटलिजिंग पर लिया गया है। इधर, एचआरटीसी सर्व कर्मचारी संगठन के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी के लिए परिवहन मंत्री का यह बड़ा फैसला होगा। इससे परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने परिवहन मंत्री से इन रूटों पर निगम की बसें चलाए जाने की मांग की है।