एबीवीपी की इकाई सचिव निशा जरयाल ने बताया कि प्रदेश विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केंद्र कई सालों से राजनीति का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 1992 में क्षेत्रीय केंद्र जिला कांगड़ा के लिए एक सौगात के रूप में सरकार ने दिया था, लेकिन तब से लेकर आज तक यह मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र खनियारा (धर्मशाला) की एबीवीपी इकाई ने मांगों को लेकर जूते पॉलिश कर विरोध जताया। विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थानीय इकाई के कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया था।
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एबीवीपी की इकाई सचिव निशा जरयाल ने बताया कि प्रदेश विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केंद्र कई सालों से राजनीति का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 1992 में क्षेत्रीय केंद्र जिला कांगड़ा के लिए एक सौगात के रूप में सरकार ने दिया था, लेकिन तब से लेकर आज तक यह मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
विद्यार्थी परिषद हमेशा क्षेत्रीय केंद्र की मूलभूत सुविधाओं के लिए लड़ती आ रही है। चाहे बात उस समय की हो, जब क्षेत्रीय केंद्र के पास उसका खुद का परिसर नहीं था। उस समय भी विद्यार्थी परिषद ने स्थायी परिसर के निर्माण के लिए काफी लंबी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र के पास अपना खुद का परिसर तो है, लेकिन उस परिसर में मूलभूत सुविधाएं छात्रों को उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। इसके चलते एबीवीपी ने जूते साफ कर विरोध जताया है।