अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिक्षा के साथ नए आयामों पर काम करेगी। कांगड़ा के गुप्तगंगा में संपन्न हुए एबीवीपी की हिमाचल इकाई के 38वें प्रदेश अधिवेशन में इसका प्रस्ताव पारित किया गया।
इसमें एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री केएन रघुनंदन ने कहा कि एबीवीपी में नए विचारों को रोका नहीं जाता। यहां जो भी नए प्रयोग छात्र करना चाहते हैं उसके लिए छात्र व कार्यकर्ता स्वतंत्र हैं।
उन्होंने कहा कि परिषद निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है। अधिवेशन में प्रदेश के वर्तमान परिदृश्य और प्रदेश के वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने प्रस्ताव को पारित करवाने की कार्यवाही करवाई।
प्रस्तावों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों आशीष सिक्टा व नवनीत कौशल ने प्रस्तुत किया। प्रस्तावों में शिक्षा क्षेत्र व प्रदेश में कानून व्यवस्था को प्रमुखता से उठाया गया है। प्रस्तावों में एबीवीपी के तमाम कार्यकर्ताओं ने आगामी समय में इन मुद्दों पर आंदोलन करने की बात कही।
वहीं, एबीवीपी के प्रदेश संगठन मंत्री कौल नेगी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एबीवीपी प्रदेश का सबसे अग्रणी छात्र संगठन है और रूसा व सेमेस्टर सिस्टम की समाप्ति तक छात्रों के साथ एबीवीपी अपने आंदोलन को लड़ेगी।