आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आग्रह, बोले, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना कानूनी जुर्म
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने धर्मांतरण के लिए बनाए दबाव के कारण छात्रा लावण्या द्वारा की आत्महत्या मामले में विवि में प्रदर्शन किया।
एबीवीपी नेताओं ने तमिलनाडु सरकार पर छात्रा को प्रताड़ित करने वालों को बचाने के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन में इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा कि जनवरी में तमिलनाडु के तंजावुर जिले के एक स्कूल में हुई इस घटना में छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। आकाश ने कहा कि लावण्या के आत्महत्या की इस दुखद घटना से अंदर जबरन धर्मांतरण करवाए जाने का प्रोपोगेंडा उजागर हुआ। कहा कि छात्र की आत्महत्या के लिए स्कूल प्रशासन जिम्मेदार है। कहा कि बीते सप्ताह तमिलनाडु में विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता लावण्या को न्याय दिलवाने के लिए प्रदर्शन किया तो वहां की तानाशाह सरकार ने आंदोलन को कुचलते हुए विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी सहित 37 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। एक बेटी को न्याय दिलवाने के इस संघर्ष को एबीवीपी जारी रखेगी। कहा कि यदि तमिलनाडु सरकार ने इन मांगों को पूरा न किया तो एबीवीपी के पूरे देश भर के कार्यकर्ता तमिलनाडु में जा कर प्रदर्शन करेंगे।