प्रदेश भाजपा कोर कमेटी ने बेशक मंडी संसदीय क्षेत्र से मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा को फिर से चुनाव मैदान में उतारने की सिफारिश की हो, लेकिन सूबे की राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के पोते और जयराम सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा के पुत्र आश्रय भी चुनावी रण में उतर गए हैं।
टिकट न मिलने की स्थिति में भी वे आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। यही नहीं पं. सुखराम परिवार से जुड़े बॉलीवुड स्टार सलमान खान आश्रय के लिए बतौर स्टार प्रचारक मंडी आ सकते हैं। अमर उजाला से आश्रय शर्मा ने खुलकर बात रखी।
1. सवाल: क्या आप आजाद उम्मीदवार या किसी अन्य दल से लड़ सकते हैं ?
जवाब : वैसे तो भाजपा संसदीय बोर्ड का निर्णय सर्वमान्य है, लेकिन जल्दबाजी मुझे नहीं मेरे दादा पंडित सुखराम जी को है। उम्र के ऐसे पड़ाव में वह चाहते हैं कि मैं किसी भी तरह सांसद बनूं। यह उनका सपना है और अंतिम निर्णय भी है। किसी अन्य दल से मुझे अब तक कोई ऑफर नहीं आया है।
2. सवाल: अलग से प्रचार करने पर सीएम की हिदायतों के बाद क्या करेंगे?
जवाब : पार्टी के लिए इमानदारी से काम करता आ रहा हूं और करता रहूंगा। मुझे यकीन है कि संसदीय बोर्ड हर पहलू को ध्यान में रखकर निर्णय लेगा, लेकिन प्रचार तो जारी रखूंगा।
3. सवाल : किन मुद्दों को लेकर आप जनता के बीच जा रहे हैं?
जवाब : सांसद बना तो बड़े पैमाने पर केंद्र से विकासात्मक योजनाएं लाऊंगा। रोजगार के साधन मुहैया करवाऊंगा। दादा पंडित सुखराम की ओर से मंडी के विकास के लिए किए गए कार्यों को लेकर ही जनता के बीच जा रहा हूं।
4. सवाल : अब तक कहां-कहां प्रचार किया और कहां करेंगे?
जवाब : सिर्फ सराज और जोगिंद्रनगर को छोड़कर मंडी सीट से जुड़े लगभग सभी विस क्षेत्रों में प्रचार किया है। सराज मुख्यमंत्री का क्षेत्र है और इसलिए वहां प्रचार नहीं किया है। जोगिंद्रनगर में जल्द प्रचार करूंगा। जरूरत पड़ी तो सराज में भी पार्टी के लिए प्रचार करूंगा।
5. सवाल : टिकट मिला तो क्या सलमान खान भी प्रचार के लिए आएंगे?
जवाब : हां। अगर मुुझे टिकट मिला तो सलमान खान से गुजारिश की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो वे मंडी में स्टार प्रचारक के तौर पर आ सकते हैं।
6. सवाल : भाजपा के ही कुछ नेताओं ने आपकी सदस्यता पर सवाल उठाए हैं। क्या कहेंगे?
जवाब : भाजपा की सदस्यता लिए एक ही साल हुआ है। पार्टी के लिए कार्य किया है। राजनीति में जो कुछ भी सीख रहा हूं, दादा सुखराम की देन है। उन्हीं के मार्गदर्शन में आगे बढ़ूंगा।
साल 2017 के विस चुनावों में भाजपा ने मंडी में कांग्रेस को 10-0 से शिकस्त दी। इन चुनावों में कांग्रेस का पूरा सियासी किला मंडी में ध्वस्त हो गया। कांग्रेस के तीन मंत्री और दो सीपीएस चुनावों में हार गए। पंडित सुखराम और उस समय कांग्रेस में कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा और उनके पुत्र आश्रय शर्मा ने चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
उस दौरान भाजपा के दो बड़े नेताओं को ही इस बड़े फेरबदल का सूत्रधार माना गया। सुखराम परिवार भाजपा के चुनावी प्रचार में कूदा और चुनावों में बड़ी जीत के बाद मंडी जिला से मुख्यमंत्री प्रदेश को मिला। वहीं, अनिल शर्मा फिर से कैबिनेट मंत्री के पद आसीन हुए।