आम आदमी पार्टी इस बार नगर निगम चुनाव में भी किस्मत अजमाएगी। शिमला नगर निगम के 41 वार्डों में प्रत्याशी उतारे जाएंगे। आम आदमी पार्टी की रविवार को बैठक हुई। भाजपा और कांग्रेस के नगर निगम में जिन पार्षदों को पार्टी से टिकट और समर्थन नहीं मिलेगा, उन पर आम आदमी पार्टी की नजर है। पार्टी से कहा कि साफ छवि वाले लोगों के लिए पार्टी के द्वार खुले रहेंगे। नगर निगम के चुनाव अप्रैल या महीने में प्रस्तावित हैं। आप कार्यकर्ता नगर निगम की परिधि में लोगों के घरों में दस्तक दे रहे हैं। पर्चे बांटकर लोगों को दिल्ली में दी जा रहीं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का हवाला दिया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एसएस जोगटा ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी 8632 से बढ़ाकर 14,842 की गई है। महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री, बिजली व पानी की सुविधा, फुटपाथ पर रहने वालों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लोगों का समर्थन मिलने पर शिमला में भी इस प्लान पर काम होगा। कोरोना काल में ऑक्सीजन सुविधा, प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस पर अंकुश लगाने, बिजली और पानी की दरों में कमी के साथ सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कांग्रेस ने बुलाई चुनाव घोषणा पत्र कमेटी की बैठक
वहीं, नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। चुनाव के लिए गठित कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र कमेटी की बैठक एक मार्च को राजीव भवन में सुबह 11 बजे बुलाई गई है। प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस के निगम चुनाव घोषणा पत्र कमेटी में नौ सदस्य शामिल हैं। इन सबको बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। सदस्यों में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हर्ष महाजन, जिला शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, शिमला ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत छाजटा, सचिव आनंद कौशल, पूर्व महापौर सोहन लाल, प्रो. बीएल विंटा, शर्मिला पटियाल, सुशांत कपरेट और राकेश चौहान शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनाव घोषणा पत्र कमेटी की बैठक में निगम चुनाव से पहले उठाए जाने वाले मुद्दों को प्रमुखता से शामिल कर शहर की जनता के बीच जाने की तैयारी की जा रही है। यह कमेटी तय करेगी कि पार्टी के घोषणा पत्र में शहर के लोगों से जुड़े किन मुद्दों को शामिल किया जाना है। सड़कों और पेयजल की बढ़ी कीमतों को लेकर भी कमेटी मंथन करेगी और इसे घोषणा पत्र में शामिल करने पर विचार होना है। शहर में ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों को भी कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया जा सकता है।