हिमाचल में आम आदमी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी भंग करने के बाद अब प्रदेश में नए सिरे से संगठन निर्माण किया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हिमाचल प्रभारी संजय सिंह और सह प्रभारी दुर्गेश पाठक आने वाले दिनों में प्रदेश का दौरा करेंगे। स्थिति का जायजा लेकर पॉलिटिकल एडवाइजरी कमेटी (पीएसी) को ग्राउंड रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
हिमाचल इकाई के पुनर्गठन को लेकर अंतिम फैसला पीएसी करेगी। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने अमर उजाला को यह जानकारी दी। संजय सिंह ने हिमाचल की राज्य कार्यकारिणी को भंग करने के कारणों की जानकारी देने से गुरेज करते हुए बताया कि पीएसी ने यह फैसला लिया है। इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
हिमाचल के पूर्व संयोजक डा. राजन सुशांत की पार्टी में नई भूमिका को लेकर भी उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। पार्टी की हिमाचल इकाई भंग होने से प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। भाजपा-कांग्रेस के कुछ नेताओं के पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हिमाचल लोकहित पार्टी के आम आदमी पार्टी में विलय को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी को जारी रहेगा पूर्ण सहयोग: सुशांत
पार्टी के पूर्व संयोजक डा. राजन सुशांत
सूत्र बताते हैं कि बीते छह माह के दौरान हिमाचल के कई नेता नई दिल्ली जाकर अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है। उधर, दिसंबर 2014 में पूर्व सांसद डा. राजन सुशांत को आम आदमी की हिमाचल इकाई का संयोजक बनाया गया था।
डा. राजन सुशांत भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। दिसंबर 2014 में ही इन्होंने राज्य कार्यकारिणी का गठन कर दिया था। बीते डेढ़ साल के दौरान सुशांत की अगुवाई में दस जिलों और 55 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकारिणी गठित की गई है। इसे पॉलिटिकल एडवाइजरी कमेटी ने भंग कर दिया है।
पार्टी के पूर्व संयोजक डा. राजन सुशांत ने कहा कि हिमाचल में पार्टी को मजबूत बनाने के नई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पीएसी ने जो फैसला लिया है, वह स्वागत योग्य है। निकट भविष्य में हिमाचल में संगठन निर्माण के लिए प्रभारी संजय सिंह और सह प्रभारी दुर्गेश पाठक के मार्गदर्शन में जो भी योजना बनेगी, उसमें प्रदेश के सभी कार्यकर्ता पूर्ण सहयोग करेंगे।