मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मंगलवार को विधानसभा का घेराव किया। प्रदेश की हजारों महिला कर्मचारियों ने बस अड्डे से विधानसभा तक विरोध रैली निकाली। इसके बाद विस परिसर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद सीटू के राज्य महासचिव डा. कश्मीर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल से मिला और मंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखीं। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष इंदिरा ठाकुर और महासचिव सरोज शर्मा ने कहा कि मंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया।
कहा कि यूनियन की प्रदेश कमेटी ने बैठक कर मांगें पूरा करने के लिए सरकार को 17 अप्रैल तक समय दिया। यदि एक माह में मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 24 अप्रैल से 25 मई तक सचिवालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी। सरोज शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 36000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं हैं।
प्रतिनिधिमंडल में इंदिरा ठाकुर, सरोज शर्मा के अलावा सीटू के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, वित्त सचिव रमाकांत मिश्रा के अलावा कई कार्यकर्ता शामिल हुए। डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि हर बार आश्वासन ही मिलते हैं। इस बार भी आश्वासन ही मिला है। सरकार की नियत साफ हुई तो एक महीने में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
ये हैं प्रमुख मांगें
- हरियाणा की तर्ज पर मिले 7500 और 4000 मानदेय
- सेवानिवृत्ति की आयु 60 से 65 साल की जाए
- बैंकों से नहीं विभाग के माध्यम से मिले मानदेय
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं को पेंशन की सुविधा
- सुपरवाइजर की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 250 खाली पदों को भरना