किरण के साथ पूर्व अधिकारी 83 वर्षीय सीएनएस राव और बेटा आजाद भी कुप्पा पहुंचे। यहां से उन्हें सुरक्षा घेरे में निजी वाहन से ले जाया गया। किरण ने कहा, बटसेरी निवासी किन्नौर कैंप के मालिक प्रदीप नेगी और उनकी धर्म पत्नी गौरी नेगी से उनके पारिवारिक संबंध हैं।
रिश्ता बरकरार रखने के लिए वह प्रकृति के करीब किन्नौर आई हैं। उन्होंने कहा, बचपन से ही उन्हें पहाड़ों से लगाव है। मुंबई की भागदौड़ वाली जीवनशैली से निकल कर वह कुछ दिनों का सुकून तलाशने यहां आई हैं।
किरण ने कहा ‘मुझे हिमाचल और किन्नौर के स्थानीय लोगों की ईमानदारी पसंद है। इस ईमानदारी की कायल हूं।’ उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले का अंतिम गांव छितकुल पुराना ऐतिहासिक गांव है जो वर्तमान में गांव न रहकर कोलकाता बन गया है।
किन्नौर और हिमाचल के लोगों को प्राकृतिक स्वरूप बचाए रखने में भूमिका निभानी होगी। किन्नौर के लोग अपनी धरोहरों को बचाए रखें। परंपरागत तरीके से अपने घर बनाएं।