मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतों में भूकंपरोधी सामुदायिक भवनों और अन्य ढांचों के निर्माण के लिए उपयुक्त नक्शों के निर्माण की आवश्यकता है। वे शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राज्य स्तरीय सेमिनार में बोल रहे थे।
उन्होंने पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों में इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में तकनीकी संस्थानों के लिए एक संसाधन केंद्र स्थापित होगा।
खतरों विशेषकर भूकंप को ध्यान में रखते हुए इन योजनाओं को बनाने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रयास सराहनीय हैं। हर पंचायत में 15- 20 स्वयं सेवकों के कार्यबल बनेगा। इनको प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
आपदा न्यूनीकरण उपाय तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों तथा नगर निगम अधिनियम में शामिल किए जाने चाहिए। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नई भवन संरचनाओं को भूकंपरोधी और सुरक्षित बनाना सुनिश्चित करें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा ने कहा कि युवक मंडलों, महिला मंडलों, एनसीसी, रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण उन्हें प्रमाण पत्र और पहचान पत्र प्रदान करेगा ताकि जोखिम के दौरान उनकी सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग किया जा सके।
विशेष सचिव राज्य आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने शुरू की गई चार योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण सभी संस्थानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा, जिसमें राज मिस्त्रियों और इंजीनियरों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।