बैंक के कॉर्पोरेट ऑडिट में हुआ खुलासा, कोर्ट के आदेश पर के दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर बैंक से ऋण लेने का मामला सामने आया है। न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमएफसी) कोर्ट के आदेश पर न्यू शिमला थाना पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जीवाड़े की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
मामले में दो आभूषण कारोबारियों को भी नामजद किया है। आरोपी इंदर सिंह जस्टा ने दो किस्तों में करीब 4,94,675 रुपये का ऋण लिया था। बाद में बैंक ऑडिट में आभूषण नकली पाए गए। यह मामला फरवरी 2023 का यूको बैंक की बीसीएस शाखा का है। पुलिस को दी शिकायत में शाखा प्रबंधक रजनी कपूर ने बताया कि उधारकर्ता इंदर सिंह जस्टा ने बैंक को धोखा देने के इरादे से नकली सोने के आभूषणों के आधार पर स्वर्ण ऋण (गोल्ड लोन) प्राप्त किया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी ने 9 फरवरी 2023 और 14 मार्च 2023 को बैंक से संपर्क किया और कसुम्पटी के एक ज्वैलर्स ने मूल्यांकित 22 कैरेट सोने के 12 आभूषणों को गिरवी रखकर 2,41,875 और 2,52,800 के ऋण लिए।
बाद में कंडाघाट के एक ज्वैलर्स ने भी इन आभूषणों को 22 कैरेट प्रमाणित किया। हालांकि 15 मार्च 2024 को फोबोसगोल्ड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के कॉर्पोरेट मूल्यांकनकर्ता मनोज धोरडा के किए गए ऑडिट में खुलासा हुआ कि गिरवी रखे आभूषण नकली थे। आरोप लगे कि आरोपी ने ज्वैलर्स की मिलीभगत से बैंक को धोखा देकर 5.60 लाख ( मूलधन और ब्याज) का वित्तीय लाभ प्राप्त किया। आरोपी को जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी तो उसने ऋण चुकाने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना कि आरोपियों को जल्द की जांच में शामिल किया जाएगा।