कीर्तन में बैंड बाजे के विभिन्न दल और महिला कीर्तन मंडलियां भी शामिल हुईं। संगत ने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल.... और वाहे गुरु जी की खालसा वाहे गुरु जी की फतेह... के जयकारे लगाए। इस दौरान लोअर बाजार में जगह जगह संगत के लिए शरबत, जूस और पानी के स्टॉल लगाए गए थे। नगर कीर्तन लोअर बाजार, शेर ए पंजाब और मालरोड से होते हुए दोपहर 3:00 बजे रिज मैदान पहुंची। यहां पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर गुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत किया। इसके बाद रिज मैदान पर सजाए दीवान पर बाबा जी का प्रकाश किया गया। सनातन धर्म सभा, सूद सभा और वाल्मीकि सभा के अन्य सदस्य भी इस समारोह में शामिल हुए।
कीर्तन से की संगत निहाल
समारोह के पहले दिन गुरमति कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा कीर्तन किया गया। श्री गुरु सिंह सभा शिमला के हजूरी रागी भाई सुखजिंदर सिंह, श्री दरबार साहिब अमृतसर के जूरी रागी भाई गुरदेव सिंह की ओर से कीर्तन, श्री दरबार साहिब अमृतसर के हैड ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह की ओर से पाठ श्री रहिरास साहिब जी, प्रचारक सुकृत ट्रस्ट लुधियाना के सरबजीत सिंह और रेणुका की ओर से गुरमति विचार, श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई शौकीन सिंह की ओर से कीर्तन किया। कार्यक्रम का समापन अरदास और हुकमनामा के साथ हुआ।
रिज पर हजारों लोगों ने चखा लंगर
गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी शताब्दी समारोह के अवसर पर रिज मैदान पर कई स्टॉल लगाए थे। इसमें हजारों लोगों के लिए विशाल लंगर का आयोजन किया था। इसके अलावा पापड़ी चाट, आइसक्रीम, टिक्की और चाय बिस्किट के स्टॉल भी लगाए गए थे। सीटीओ चौक पर छोले कुलचे भी वितरित किए गए। सभी स्टॉलों में पूरा दिन लंबी कतारें लगी रहीं। इस अवसर पर सिख समुदाय के लोगों की ओर से साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा था।