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Shimla News: एडवांस्ड स्टडी में नजर आएगी अब हिमाचली परिवेश की झलक

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आर्ट गैलरी का राज्यपाल ने किया उद्घाटन
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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण भी किया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में हीरक जयंती समारोह के समापन दिवस पर वीरवार को राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने स्थायी कला दीर्घा कांगड़ा कलम : द पहाड़ी मिनिएचर आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया।
इतिहासकार राजा भसीन और डॉ. पंकज गुप्ता ने इस दीर्घा की स्थापना की है। इसमें 23 चित्र प्रदर्शित किए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक कलाओं को दर्शाया है। राज्यपाल ने संस्थान के संस्थापक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण भी किया। साथ ही कांगड़ा लघुचित्रों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया। संस्थान के मुख्य भवन में सचिव कार्यालय के निकट कक्ष संख्या आठ में स्थापित इस दीर्घा में पहाड़ी समाज के दैनिक जीवन को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया है। इसमें खेत में हल चलाते किसान, आंगन में लोकगीत गाते लोग, टोकरी लेकर जाती महिला, गद्दी समुदाय का जीवन, पारंपरिक भोजन तैयार करने और देवता की शोभायात्रा जैसे विषय शामिल हैं। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि कांगड़ा चित्रकला हमारी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की संस्कृतियों में अनेक समानताएं हैं, जिन्हें पहाड़ी चित्रकला में प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दीर्घा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान करेगी। समारोह में संस्थान के कर्मचारियों ने संगीत, कविता, राजस्थानी समूह लोकनृत्य और पहाड़ी नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं। 11 से 15 अक्तूबर तक आयोजित हीरक जयंती समारोह के दौरान कला प्रदर्शनी और पुस्तक मेले का भी आयोजन किया गया।
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कांगड़ा लघु चित्रों की पुस्तक का लोकार्पण
कार्यक्रम में प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी और डॉ. पंकज गुप्ता की पुस्तक कांगड़ा लघुचित्रों में लोक और ग्रामीण चित्रण : एक देशी भारतीय कला परिप्रेक्ष्य का लोकार्पण किया गया। पुस्तक में कांगड़ा लघु चित्रों के माध्यम से पहाड़ी लोकजीवन और ग्रामीण संस्कृति को समझने का प्रयास किया है।
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