घटना के तुरंत बाद परिजन बच्ची को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले गए। प्राथमिक उपचार और जरूरी इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची को घर भेज दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि शहर में लगातार आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। लोगों ने कहा कि जब जिला मुख्यालय के मुख्य शहरी क्षेत्र में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं तो अन्य इलाकों के हालात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग उठाई है कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए जल्द प्रभावी अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।