पुलिस भी मौके पर पहुंची। पता चला कि शव काफी पुराना है। इस पर मिट्टी भी लगी हुई थी।नगर निगम कर्मचारियों ने शव को जंगल में दफना दिया। पार्षद बृज सूद का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब यहां ऐसी घटना हुई है।
कहा कि कमला नेहरू अस्पताल से अक्सर नवजात के शव लाकर कनलोग के साथ लगते जंगल में दफना दिए जाते हैं। कहा कि अस्पताल प्रबंधन को किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगानी चाहिए ताकि शव को अच्छी तरह से दफनाया जा सके। बार-बार ऐसी घटनाएं होने से इस पर रोक लगानी चाहिए।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
इलाके में नवजात के शव और उनके अंगों को पहले भी कई बार आवारा कुत्ते रिहायशी इलाकों में लाते रहे हैं। लेकिन इन सबको रोकने के लिए न तो वन विभाग कुछ करता है और न ही पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से इलाके में डर का माहौल बन रहा है।